एंटीगा भारतीय टीम ने एंटीगा टेस्ट में वेस्ट इंडीज को 318 रन से धूल चटाकर टेस्ट चैंपियनशिप की जीत से शुरुआत की है। भारत की इस जीत में उसके उपकप्तान अंजिक्य रहाणे की भूमिका सबसे खास थी। रहाणे ने भारत की लड़खड़ा चुकी पहली पारी को संभाला और 81 रन बनाए। इसके बाद उपकप्तान ने दूसरी पारी में शतक जमाकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी। उनके इस शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया। रहाणे ने दो साल बाद अपने शतक का सूखा खत्म किया है। मैन ऑफ द मैच का खिताब पाने के बाद रहाणे ने कहा, '29 या 30 पारियों बाद शतक बनाकर स्पेशल महसूस कर रहा हूं। लेकिन इस मैच में मेरी पहली पारी ज्यादा गंभीर थी। जब एक वक्त हम 20 रन पर 3 विकेट गंवा चुके थे। हमे साझेदारी की जरूरत थी और मैंने और राहुल ने मिलकर यह काम किया।' पढ़ें: रहाणे ने कहा, 'इसके बाद हमारे गेंदबाजों ने शानदार खेल दिखाया। दूसरी पारी में यह शतक बनाना भी बहुत खास है।' रहाणे ने बताया कि पिछले कुछ समय से इंग्लैंड में जाकर काउंटी क्रिकेट में खेलने से उनकी बल्लेबाजी को फायदा हुआ और उन्होंने अपने इस शतक का श्रेय अपने इस अनुभव को दिया। भारतीय टीम के उपकप्तान ने कहा, 'मैं पिछले कुछ समय से हैंपशायर के लिए खेला इससे मुझे मदद मिली। मैं अपना यह शतक उन लोगों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने मुझे तब सपॉर्ट किया और भरोसा जताया, जब मैं बुरे दौर से गुजर रहा था।' पढ़ें: रहाणे ने बताया, 'मैं 70 रन तो बना रहा था, लेकिन मेरे लिए शतक बनाने के मायने खास होते हैं।' इसके बाद रहाणे ने खेल के पहले दिन के हालात पर भी चर्चा की। उन्होंने बतया कि बारिश के बाद शुरू हुए पहले दिन के खेल में हमारी पारी शुरुआत में ही लड़खड़ा गई थी। पिच पर नमी थी और बॉल यहां हरकत कर रहा था। रहाणे ने कहा, 'पहले दिन के खेल की बात करें तो पिच पर काफी नमी थी। उस सत्र में वेस्ट इंडीज के बोलरों ने शानदार बोलिंग की। लेकिन तब जरूरी था कि हम जितनी ज्यादा संभव हो सकें उतनी ज्यादा गेंदें खेलें। हम चाहते थे कि पहली पारी में कम से कम 90-100 ओवर तक बल्लेबाजी करेंगे तो रन अपने आप आ जाएंगे।' पढ़ें: रहाणे ने आगे कहा, ''दूसरी पारी में मैं और विराट चाहते थे कि हम दोनों एक अच्छी पार्टनरशिप बनाएं और इसके लिए हम सिर्फ बैटिंग, बैटिंग और बैटिंग करना चाहते थे।
https://ift.tt/2HpMkLs
Comments
Post a Comment